विशेषज्ञ
हिमार अर्जुन सिंह
डिप्टी डायरेक्टर. ऑपरेशंस और एक्सटर्नल रिलेशंस
के बारे में
हिमार अर्जुन सिंह कार्नेगी इंडिया में ऑपरेशंस और एक्सटर्नल रिलेशंस के डिप्टी डायरेक्टर हैं। इससे पहले, वो भारती एंटरप्राइजेज़ में पब्लिक पॉलिसी और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के प्रमुख के रूप में काम कर चुके हैं। भारती एंटरप्राइजेज़ भारत की बड़ी कंपनियों में से एक है, जिसका काम टेलीकॉम, स्पेस कम्युनिकेशंस, डिजिटल सॉल्यूशन, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टरों में फैला है।
वो एक अनुभवी पब्लिक पॉलिसी प्रोफेशनल हैं और उन्हें एडवोकेसी, कॉर्पोरेट मामलों और कम्युनिकेशंस का दो दशक का अनुभव है। हिमार पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (PAFI) की मैनेजिंग कमिटी के मेंबर हैं, जो भारत में पब्लिक अफेयर्स प्रोफेशनल्स का एक बड़ा मंच है, और इस क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक कामकाज को बढ़ावा देता है।
उन्होंने B20 इंडिया एक्शन काउंसिल ऑन अफ्रीका इकोनॉमिक इंटीग्रेशन में शेरपा के तौर पर भी काम किया है। हिमार BIS, CII, FICCI और PAFI की कई काउंसिलों और कमिटियों में सदस्य के तौर पर योगदान देते हैं। इनमें CII इंटरनेशनल ट्रेड पॉलिसी कमिटी और FICCI फॉरेन ट्रेड एंड ट्रेड फेसिलिटेशन कमिटी भी शामिल हैं। उन्होंने कई अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है: एक पत्रकार के तौर पर, एक अर्थशास्त्री के तौर पर, और CII और FICCI जैसे उद्योग संघों, सरकारी मंत्रालयों और एजेंसियों और भारतीय कॉर्पोरेट सेक्टर के साथ। भारती एंटरप्राइजेज़ और रिलायंस रिटेल लिमिटेड में पब्लिक पॉलिसी से जुड़े कामकाज को स्थापित करने में हिमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
भारत, दक्षिण एशिया, यूरोप और अफ्रीका जैसे अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने के दौरान उन्होंने डिजिटल इकॉनमी और इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती, रिटेल और ई-कॉमर्स और मैक्रोइकोनॉमिक्स जैसे सेक्टरों में अनुभव हासिल किया है। उन्होंने WTO, WEF, ब्रॉडबैंड कमीशन, CEIP, CFR, RIEC, ICC, GSMA और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर समेत कई प्रमुख संस्थानों के साथ नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श का नेतृत्व किया है।
हिमार ने भारत के सभी राज्यों में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की स्थापना और खेती से जुड़े कई दूसरे लोगों की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कई अहम रिसर्च पेपर और लेख लिखे हैं, जो आउटलुक बिज़नेस और एशिया टाइम्स में छापे गए हैं। चीन में मैन्युफैक्चरिंग पर उनके रिसर्च से भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय (DIPP) को सरकारी सब्सिडी वाले चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को समझने में मदद मिली। इसी तरह, सेंट्रल एशिया और इस क्षेत्र में रूस और चीन के भू-राजनीतिक प्रभाव पर उनके एक महत्वपूर्ण लेख का संदर्भ बाद में छपे कई रिसर्च पेपर में दिया गया है।
हिमार रणनीतिक मामलों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भू-अर्थशास्त्र में खास रुचि रखते हैं। हिमालय के पर्यावरण और पारिस्थितिकी को बचाए रखने के लिए भी वो प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में काम करने वाले कई सेल्फ-हेल्प ग्रुपों से जुड़े हुए हैं। हिमार की पत्नी हैं डॉ. सुशीला नेगी, जो एक वैज्ञानिक हैं और भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय में जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में होने वाले काम का नेतृत्व करती हैं। उनके दो बच्चे हैं—एक बेटा और एक बेटी। हिमार बिशप कॉटन स्कूल, हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, IIPM और शंघाई की फुदान यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं।
शिक्षा
Bishop Cotton School; Himachal Pradesh University, IIPM & Fudan University, Shanghai